एक समय, एक स्थान
रोज़ एक निश्चित समय, चाहे सूर्योदय पर या सोने से पहले दस मिनट ही सही, लंबे पर अनियमित बैठने से कहीं जल्दी आदत बनाता है।
नाम जप
मंत्र चुनिए, हर जप पर माला को स्पर्श कीजिए और गिनती काउंटर पर छोड़ दीजिए, ताकि आपका मन केवल नाम में लगा रहे।
श्री राम जय राम जय जय राम
रोज़ एक निश्चित समय, चाहे सूर्योदय पर या सोने से पहले दस मिनट ही सही, लंबे पर अनियमित बैठने से कहीं जल्दी आदत बनाता है।
पहले धीमे स्वर में, फिर फुसफुसाकर और समय के साथ मन ही मन जप कीजिए। ध्यान नाम की ध्वनि पर रखिए।
मन भटकेगा, और यह स्वाभाविक है। स्वयं को डाँटे बिना, बस उसे अगले मनके पर लौटा लाइए। यह लौटाना ही साधना है।
अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते
“अभ्यास और वैराग्य से चंचल मन को भी वश में किया जा सकता है।”
श्रीमद्भगवद्गीता 6.35